Ana SayfaMealler › Suhel-Saifur
SS

Suhel-Saifur

Suhel-Saifur
Suhel-Saifur meali ile okumaya başla
Fecr 1 / 30
1
सुबह की क़सम
Suhel-Saifur 89:1
2
और दस रातों की
Suhel-Saifur 89:2
3
और ज़ुफ्त व ताक़ की
Suhel-Saifur 89:3
4
और रात की जब आने लगे
Suhel-Saifur 89:4
5
अक्लमन्द के वास्ते तो ज़रूर बड़ी क़सम है (कि कुफ्फ़ार पर ज़रूर अज़ाब होगा)
Suhel-Saifur 89:5
6
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे आद के साथ क्या किया
Suhel-Saifur 89:6
7
यानि इरम वाले दराज़ क़द
Suhel-Saifur 89:7
8
जिनका मिसल तमाम (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा ही नहीं किया गया
Suhel-Saifur 89:8
9
और समूद के साथ (क्या किया) जो वादी (क़रा) में पत्थर तराश कर घर बनाते थे
Suhel-Saifur 89:9
10
और फिरऔन के साथ (क्या किया) जो (सज़ा के लिए) मेख़े रखता था
Suhel-Saifur 89:10
11
ये लोग मुख़तलिफ़ शहरों में सरकश हो रहे थे
Suhel-Saifur 89:11
12
और उनमें बहुत से फ़साद फैला रखे थे
Suhel-Saifur 89:12
13
तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगाया
Suhel-Saifur 89:13
14
बेशक तुम्हारा परवरदिगार ताक में है
Suhel-Saifur 89:14
15
लेकिन इन्सान जब उसको उसका परवरदिगार (इस तरह) आज़माता है कि उसको इज्ज़त व नेअमत देता है, तो कहता है कि मेरे परवरदिगार ने मुझे इज्ज़त दी है
Suhel-Saifur 89:15
16
मगर जब उसको (इस तरह) आज़माता है कि उस पर रोज़ी को तंग कर देता है बोल उठता है कि मेरे परवरदिगार ने मुझे ज़लील किया
Suhel-Saifur 89:16
17
हरगिज़ नहीं बल्कि तुम लोग न यतीम की ख़ातिरदारी करते हो
Suhel-Saifur 89:17
18
और न मोहताज को खाना खिलाने की तरग़ीब देते हो
Suhel-Saifur 89:18
19
और मीरारा के माल (हलाल व हराम) को समेट कर चख जाते हो
Suhel-Saifur 89:19
20
और माल को बहुत ही अज़ीज़ रखते हो
Suhel-Saifur 89:20
21
सुन रखो कि जब ज़मीन कूट कूट कर रेज़ा रेज़ा कर दी जाएगी
Suhel-Saifur 89:21
22
और तुम्हारे परवरदिगार का हुक्म और फ़रिश्ते कतार के कतार आ जाएँगे
Suhel-Saifur 89:22
23
और उस दिन जहन्नुम सामने कर दी जाएगी उस दिन इन्सान चौंकेगा मगर अब चौंकना कहाँ (फ़ायदा देगा)
Suhel-Saifur 89:23
24
(उस वक्त) क़हेगा कि काश मैने अपनी (इस) ज़िन्दगी के वास्ते कुछ पहले भेजा होता
Suhel-Saifur 89:24
25
तो उस दिन ख़ुदा ऐसा अज़ाब करेगा कि किसी ने वैसा अज़ाब न किया होगा
Suhel-Saifur 89:25
26
और न कोई उसके जकड़ने की तरह जकड़ेगा
Suhel-Saifur 89:26
27
(और कुछ लोगों से कहेगा) ऐ इत्मेनान पाने वाली जान
Suhel-Saifur 89:27
28
अपने परवरदिगार की तरफ़ चल तू उससे ख़ुश वह तुझ से राज़ी
Suhel-Saifur 89:28
29
तो मेरे (ख़ास) बन्दों में शामिल हो जा
Suhel-Saifur 89:29
30
और मेरे बेहिश्त में दाख़िल हो जा
Suhel-Saifur 89:30
Fecr suresi tamamlandı