Ana SayfaMealler › Suhel-Saifur
SS

Suhel-Saifur

Suhel-Saifur
Suhel-Saifur meali ile okumaya başla
Ala 1 / 19
1
ऐ रसूल अपने आलीशान परवरदिगार के नाम की तस्बीह करो
Suhel-Saifur 87:1
2
जिसने (हर चीज़ को) पैदा किया
Suhel-Saifur 87:2
3
और दुरूस्त किया और जिसने (उसका) अन्दाज़ा मुक़र्रर किया फिर राह बतायी
Suhel-Saifur 87:3
4
और जिसने (हैवानात के लिए) चारा उगाया
Suhel-Saifur 87:4
5
फिर ख़ुश्क उसे सियाह रंग का कूड़ा कर दिया
Suhel-Saifur 87:5
6
हम तुम्हें (ऐसा) पढ़ा देंगे कि कभी भूलो ही नहीं
Suhel-Saifur 87:6
7
मगर जो ख़ुदा चाहे (मन्सूख़ कर दे) बेशक वह खुली बात को भी जानता है और छुपे हुए को भी
Suhel-Saifur 87:7
8
और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे
Suhel-Saifur 87:8
9
तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो
Suhel-Saifur 87:9
10
जो खौफ रखता हो वह तो फौरी समझ जाएगा
Suhel-Saifur 87:10
11
और बदबख्त उससे पहलू तही करेगा
Suhel-Saifur 87:11
12
जो (क़यामत में) बड़ी (तेज़) आग में दाख़िल होगा
Suhel-Saifur 87:12
13
फिर न वहाँ मरेगा ही न जीयेगा
Suhel-Saifur 87:13
14
वह यक़ीनन मुराद दिली को पहुँचा जो (शिर्क से) पाक हो
Suhel-Saifur 87:14
15
और अपने परवरदिगार का ज़िक्र करता और नमाज़ पढ़ता रहा
Suhel-Saifur 87:15
16
मगर तुम लोग दुनियावी ज़िन्दगी को तरजीह देते हो
Suhel-Saifur 87:16
17
हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है
Suhel-Saifur 87:17
18
बेशक यही बात अगले सहीफ़ों
Suhel-Saifur 87:18
19
इबराहीम और मूसा के सहीफ़ों में भी है
Suhel-Saifur 87:19
Ala suresi tamamlandı