Ana SayfaMealler › Suhel-Saifur
SS

Suhel-Saifur

Suhel-Saifur
Suhel-Saifur meali ile okumaya başla
Tekvir 1 / 29
1
जिस वक्त आफ़ताब की चादर को लपेट लिया जाएगा
Suhel-Saifur 81:1
2
और जिस वक्त तारे गिर पडेग़ें
Suhel-Saifur 81:2
3
और जब पहाड़ चलाए जाएंगें
Suhel-Saifur 81:3
4
और जब अनक़रीब जनने वाली ऊंटनियों बेकार कर दी जाएंगी
Suhel-Saifur 81:4
5
और जिस वक्त वहशी जानवर इकट्ठा किये जायेंगे
Suhel-Saifur 81:5
6
और जिस वक्त दरिया आग हो जायेंगे
Suhel-Saifur 81:6
7
और जिस वक्त रुहें हवियों से मिला दी जाएंगी
Suhel-Saifur 81:7
8
और जिस वक्त ज़िन्दा दर गोर लड़की से पूछा जाएगा
Suhel-Saifur 81:8
9
कि वह किस गुनाह के बदले मारी गयी
Suhel-Saifur 81:9
10
और जिस वक्त (आमाल के) दफ्तर खोले जाएं
Suhel-Saifur 81:10
11
और जिस वक्त आसमान का छिलका उतारा जाएगा
Suhel-Saifur 81:11
12
और जब दोज़ख़ (की आग) भड़कायी जाएगी
Suhel-Saifur 81:12
13
और जब बेहिश्त क़रीब कर दी जाएगी
Suhel-Saifur 81:13
14
तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर आया
Suhel-Saifur 81:14
15
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते
Suhel-Saifur 81:15
16
और ग़ायब होते हैं
Suhel-Saifur 81:16
17
और रात की क़सम जब ख़त्म होने को आए
Suhel-Saifur 81:17
18
और सुबह की क़सम जब रौशन हो जाए
Suhel-Saifur 81:18
19
कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान का पैग़ाम है
Suhel-Saifur 81:19
20
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है
Suhel-Saifur 81:20
21
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है
Suhel-Saifur 81:21
22
और (मक्के वालों) तुम्हारे साथी मोहम्मद दीवाने नहीं हैं
Suhel-Saifur 81:22
23
और बेशक उन्होनें जिबरील को (आसमान के) खुले (शरक़ी) किनारे पर देखा है
Suhel-Saifur 81:23
24
और वह ग़ैब की बातों के ज़ाहिर करने में बख़ील नहीं
Suhel-Saifur 81:24
25
और न यह मरदूद शैतान का क़ौल है
Suhel-Saifur 81:25
26
फिर तुम कहाँ जाते हो
Suhel-Saifur 81:26
27
ये सारे जहॉन के लोगों के लिए बस नसीहत है
Suhel-Saifur 81:27
28
(मगर) उसी के लिए जो तुममें सीधी राह चले
Suhel-Saifur 81:28
29
और तुम तो सारे जहॉन के पालने वाले ख़ुदा के चाहे बग़ैर कुछ भी चाह नहीं सकते
Suhel-Saifur 81:29
Tekvir suresi tamamlandı