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M.Farooq-M.Ahmed

M.Farooq-M.Ahmed
M.Farooq-M.Ahmed meali ile okumaya başla
İnsan 1 / 31
1
क्या मनुष्य पर काल-खंड का ऐसा समय भी बीता है कि वह कोई ऐसी चीज़ न था जिसका उल्लेख किया जाता?
M.Farooq-M.Ahmed 76:1
2
हमने मनुष्य को एक मिश्रित वीर्य से पैदा किया, उसे उलटते-पलटते रहे, फिर हमने उसे सुनने और देखनेवाला बना दिया
M.Farooq-M.Ahmed 76:2
3
हमने उसे मार्ग दिखाया, अब चाहे वह कृतज्ञ बने या अकृतज्ञ
M.Farooq-M.Ahmed 76:3
4
हमने इनकार करनेवालों के लिए ज़जीरें और तौक़ और भड़कती हुई आग तैयार कर रखी है
M.Farooq-M.Ahmed 76:4
5
निश्चय ही वफ़ादार लोग ऐसे जाम से पिएँगे जिसमें काफ़ूर का मिश्रण होगा,
M.Farooq-M.Ahmed 76:5
6
उस स्रोत का क्या कहना! जिस पर बैठकर अल्लाह के बन्दे पिएँगे, इस तरह कि उसे बहा-बहाकर (जहाँ चाहेंगे) ले जाएँगे
M.Farooq-M.Ahmed 76:6
7
वे नज़र (मन्नत) पूरी करते है और उस दिन से डरते है जिसकी आपदा व्यापक होगी,
M.Farooq-M.Ahmed 76:7
8
और वे मुहताज, अनाथ और क़ैदी को खाना उसकी चाहत रखते हुए खिलाते है,
M.Farooq-M.Ahmed 76:8
9
हम तो केवल अल्लाह की प्रसन्नता के लिए तुम्हें खिलाते है, तुमसे न कोई बदला चाहते है और न कृतज्ञता ज्ञापन
M.Farooq-M.Ahmed 76:9
10
हमें तो अपने रब की ओर से एक ऐसे दिन का भय है जो त्योरी पर बल डाले हुए अत्यन्त क्रूर होगा।
M.Farooq-M.Ahmed 76:10
11
अतः अल्लाह ने उस दिन की बुराई से बचा लिया और उन्हें ताज़गी और ख़ुशी प्रदान की,
M.Farooq-M.Ahmed 76:11
12
और जो उन्होंने धैर्य से काम लिया, उसके बदले में उन्हें जन्नत और रेशमी वस्त्र प्रदान किया
M.Farooq-M.Ahmed 76:12
13
उसमें वे तख़्तों पर टेक लगाए होंगे, वे उसमें न तो सख़्त धूप देखेंगे औ न सख़्त ठंड़
M.Farooq-M.Ahmed 76:13
14
और उस (बाग़) के साए उनपर झुके होंगे और उसके फलों के गुच्छे बिलकुल उनके वश में होंगे
M.Farooq-M.Ahmed 76:14
15
और उनके पास चाँदी के बरतन ग़र्दिश में होंगे और प्याले
M.Farooq-M.Ahmed 76:15
16
जो बिल्कुल शीशे हो रहे होंगे, शीशे भी चाँदी के जो ठीक अन्दाज़े करके रखे गए होंगे
M.Farooq-M.Ahmed 76:16
17
और वहाँ वे एक और जाम़ पिएँगे जिसमें सोंठ का मिश्रण होगा
M.Farooq-M.Ahmed 76:17
18
क्या कहना उस स्रोत का जो उसमें होगा, जिसका नाम सल-सबील है
M.Farooq-M.Ahmed 76:18
19
उनकी सेवा में ऐसे किशोर दौड़ते रहे होंगे जो सदैव किशोर ही रहेंगे। जब तुम उन्हें देखोगे तो समझोगे कि बिखरे हुए मोती है
M.Farooq-M.Ahmed 76:19
20
जब तुम वहाँ देखोगे तो तुम्हें बड़ी नेमत और विशाल राज्य दिखाई देगा
M.Farooq-M.Ahmed 76:20
21
उनके ऊपर हरे बारीक हरे बारीक रेशमी वस्त्र और गाढ़े रेशमी कपड़े होंगे, और उन्हें चाँदी के कंगन पहनाए जाएँगे और उनका रब उन्हें पवित्र पेय पिलाएगा
M.Farooq-M.Ahmed 76:21
22
यह है तुम्हारा बदला और तुम्हारा प्रयास क़द्र करने के योग्य है।
M.Farooq-M.Ahmed 76:22
23
निश्चय ही हमने अत्यन्त व्यवस्थित ढंग से तुमपर क़ुरआन अवतरित किया है;
M.Farooq-M.Ahmed 76:23
24
अतः अपने रब के हुक्म और फ़ैसले के लिए धैर्य से काम लो और उनमें से किसी पापी या कृतघ्न का आज्ञापालन न करना
M.Farooq-M.Ahmed 76:24
25
और प्रातःकाल और संध्या समय अपने रब के नाम का स्मरण करो
M.Farooq-M.Ahmed 76:25
26
और रात के कुछ हिस्से में भी उसे सजदा करो, लम्बी-लम्बी रात तक उसकी तसबीह करते रहो
M.Farooq-M.Ahmed 76:26
27
निस्संदेह ये लोग शीघ्र प्राप्त होनेवाली चीज़ (संसार) से प्रेम रखते है और एक भारी दिन को अपने परे छोड़ रह है
M.Farooq-M.Ahmed 76:27
28
हमने उन्हें पैदा किया और उनके जोड़-बन्द मज़बूत किेए और हम जब चाहे उन जैसों को पूर्णतः बदल दें
M.Farooq-M.Ahmed 76:28
29
निश्चय ही यह एक अनुस्मृति है, अब जो चाहे अपने रब की ओर मार्ग ग्रहण कर ले
M.Farooq-M.Ahmed 76:29
30
और तुम नहीं चाह सकते सिवाय इसके कि अल्लाह चाहे। निस्संदेह अल्लाह सर्वज्ञ, तत्वदर्शी है
M.Farooq-M.Ahmed 76:30