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M.Farooq-M.Ahmed

M.Farooq-M.Ahmed
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Kıyame 1 / 40
1
नहीं, मैं क़सम खाता हूँ क़ियामत के दिन की,
M.Farooq-M.Ahmed 75:1
2
और नहीं! मैं कसम खाता हूँ मलामत करनेवाली आत्मा की
M.Farooq-M.Ahmed 75:2
3
क्या मनुष्य यह समझता है कि हम कदापि उसकी हड्डियों को एकत्र न करेंगे?
M.Farooq-M.Ahmed 75:3
4
क्यों नहीं, हम उसकी पोरों को ठीक-ठाक करने की सामर्थ्य रखते है
M.Farooq-M.Ahmed 75:4
5
बल्कि मनुष्य चाहता है कि अपने आगे ढिठाई करता रहे
M.Farooq-M.Ahmed 75:5
6
पूछता है, "आख़िर क़ियामत का दिन कब आएगा?"
M.Farooq-M.Ahmed 75:6
7
तो जब निगाह चौंधिया जाएगी,
M.Farooq-M.Ahmed 75:7
8
और चन्द्रमा को ग्रहण लग जाएगा,
M.Farooq-M.Ahmed 75:8
9
और सूर्य और चन्द्रमा इकट्ठे कर दिए जाएँगे,
M.Farooq-M.Ahmed 75:9
10
उस दिन मनुष्य कहेगा, "कहाँ जाऊँ भागकर?"
M.Farooq-M.Ahmed 75:10
11
कुछ नहीं, कोई शरण-स्थल नहीं!
M.Farooq-M.Ahmed 75:11
12
उस दिन तुम्हारे रब ही ओर जाकर ठहरना है
M.Farooq-M.Ahmed 75:12
13
उस दिन मनुष्य को बता दिया जाएगा जो कुछ उसने आगे बढाया और पीछे टाला
M.Farooq-M.Ahmed 75:13
14
नहीं, बल्कि मनुष्य स्वयं अपने हाल पर निगाह रखता है,
M.Farooq-M.Ahmed 75:14
15
यद्यपि उसने अपने कितने ही बहाने पेश किए हो
M.Farooq-M.Ahmed 75:15
16
तू उसे शीघ्र पाने के लिए उसके प्रति अपनी ज़बान को न चला
M.Farooq-M.Ahmed 75:16
17
हमारे ज़िम्मे है उसे एकत्र करना और उसका पढ़ना,
M.Farooq-M.Ahmed 75:17
18
अतः जब हम उसे पढ़े तो उसके पठन का अनुसरण कर,
M.Farooq-M.Ahmed 75:18
19
फिर हमारे ज़िम्मे है उसका स्पष्टीकरण करना
M.Farooq-M.Ahmed 75:19
20
कुछ नहीं, बल्कि तुम लोग शीघ्र मिलनेवाली चीज़ (दुनिया) से प्रेम रखते हो,
M.Farooq-M.Ahmed 75:20
21
और आख़िरत को छोड़ रहे हो
M.Farooq-M.Ahmed 75:21
22
किनते ही चहरे उस दिन तरो ताज़ा और प्रफुल्लित होंगे,
M.Farooq-M.Ahmed 75:22
23
अपने रब की ओर देख रहे होंगे।
M.Farooq-M.Ahmed 75:23
24
और कितने ही चेहरे उस दिन उदास और बिगड़े हुए होंगे,
M.Farooq-M.Ahmed 75:24
25
समझ रहे होंगे कि उनके साथ कमर तोड़ देनेवाला मामला किया जाएगा
M.Farooq-M.Ahmed 75:25
26
कुछ नहीं, जब प्राण कंठ को आ लगेंगे,
M.Farooq-M.Ahmed 75:26
27
और कहा जाएगा, "कौन है झाड़-फूँक करनेवाला?"
M.Farooq-M.Ahmed 75:27
28
और वह समझ लेगा कि वह जुदाई (का समय) है
M.Farooq-M.Ahmed 75:28
29
और पिंडली से पिंडली लिपट जाएगी,
M.Farooq-M.Ahmed 75:29
30
तुम्हारे रब की ओर उस दिन प्रस्थान होगा
M.Farooq-M.Ahmed 75:30