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M.Farooq-M.Ahmed

M.Farooq-M.Ahmed
M.Farooq-M.Ahmed meali ile okumaya başla
Nuh 1 / 28
1
हमने नूह को उसकी कौ़म की ओर भेजा कि "अपनी क़ौम के लोगों को सावधान कर दो, इससे पहले कि उनपर कोई दुखद यातना आ जाए।"
M.Farooq-M.Ahmed 71:1
2
उसने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मैं तुम्हारे लिए एक स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ
M.Farooq-M.Ahmed 71:2
3
कि अल्लाह की बन्दगी करो और उसका डर रखो और मेरी आज्ञा मानो।-
M.Farooq-M.Ahmed 71:3
4
वह तुम्हें क्षमा करके तुम्हारे गुनाहों से तुम्हें पाक कर देगा और एक निश्चित समय तक तुम्हे मुहल्लत देगा। निश्चय ही जब अल्लाह का निश्चित समय आ जाता है तो वह टलता नहीं, काश कि तुम जानते!
M.Farooq-M.Ahmed 71:4
5
उसने कहा, "ऐ मेरे रब! मैंने अपनी क़ौम के लोगों को रात और दिन बुलाया
M.Farooq-M.Ahmed 71:5
6
किन्तु मेरी पुकार ने उनके पलायन को ही बढ़ाया
M.Farooq-M.Ahmed 71:6
7
और जब भी मैंने उन्हें बुलाया, ताकि तू उन्हें क्षमा कर दे, तो उन्होंने अपने कानों में अपनी उँगलियाँ दे लीं और अपने कपड़ो से स्वयं को ढाँक लिया और अपनी हठ पर अड़ गए और बड़ा ही घमंड किया
M.Farooq-M.Ahmed 71:7
8
फिर मैंने उन्हें खुल्लमखुल्ला बुलाया,
M.Farooq-M.Ahmed 71:8
9
फिर मैंने उनसे खुले तौर पर भी बातें की और उनसे चुपके-चुपके भी बातें की
M.Farooq-M.Ahmed 71:9
10
और मैंने कहा, अपने रब से क्षमा की प्रार्थना करो। निश्चय ही वह बड़ा क्षमाशील है,
M.Farooq-M.Ahmed 71:10
11
वह बादल भेजेगा तुमपर ख़ूब बरसनेवाला,
M.Farooq-M.Ahmed 71:11
12
और वह माल और बेटों से तुम्हें बढ़ोतरी प्रदान करेगा, और तुम्हारे लिए बाग़ पैदा करेगा और तुम्हारे लिए नहरें प्रवाहित करेगा
M.Farooq-M.Ahmed 71:12
13
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम (अपने दिलों में) अल्लाह के लिए किसी गौरव की आशा नहीं रखते?
M.Farooq-M.Ahmed 71:13
14
हालाँकि उसने तुम्हें विभिन्न अवस्थाओं से गुज़ारते हुए पैदा किया
M.Farooq-M.Ahmed 71:14
15
क्या तुमने देखा नहीं कि अल्लाह ने किस प्रकार ऊपर तले सात आकाश बनाए,
M.Farooq-M.Ahmed 71:15
16
और उनमें चन्द्रमा को प्रकाश और सूर्य का प्रदीप बनाया?
M.Farooq-M.Ahmed 71:16
17
और अल्लाह ने तुम्हें धरती से विशिष्ट प्रकार से विकसित किया,
M.Farooq-M.Ahmed 71:17
18
फिर वह तुम्हें उसमें लौटाता है और तुम्हें बाहर निकालेगा भी
M.Farooq-M.Ahmed 71:18
19
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए धरती को बिछौना बनाया,
M.Farooq-M.Ahmed 71:19
20
ताकि तुम उसके विस्तृत मार्गों पर चलो।
M.Farooq-M.Ahmed 71:20
21
नूह ने कहा, "ऐ मेरे रब! उन्होंने मेरी अवज्ञा की, और उसका अनुसरण किया जिसके धन और जिसकी सन्तान ने उसके घाटे ही मे अभिवृद्धि की
M.Farooq-M.Ahmed 71:21
22
और वे बहुत बड़ी चाल चले,
M.Farooq-M.Ahmed 71:22
23
और उन्होंने कहा, अपने इष्ट-पूज्यों के कदापि न छोड़ो और न वह वद्द को छोड़ो और न सुवा को और न यग़ूस और न यऊक़ और नस्र को
M.Farooq-M.Ahmed 71:23
24
और उन्होंने बहुत-से लोगों को पथभ्रष्ट॥ किया है (तो तू उन्हें मार्ग न दिया) अब, तू भी ज़ालिमों की पथभ्रष्टता ही में अभिवृद्धि कर।
M.Farooq-M.Ahmed 71:24
25
वे अपनी बड़ी ख़ताओं के कारण पानी में डूबो दिए गए, फिर आग में दाख़िल कर दिए गए, फिर वे अपने और अल्लाह के बीच आड़ बननेवाले सहायक न पा सके
M.Farooq-M.Ahmed 71:25
26
और नूह ने कहा, "ऐ मेरे रब! धरती पर इनकार करनेवालों में से किसी बसनेवाले को न छोड
M.Farooq-M.Ahmed 71:26
27
यदि तू उन्हें छोड़ देगा तो वे तेरे बन्दों को पथभ्रष्ट कर देंगे और वे दुराचारियों और बड़े अधर्मियों को ही जन्म देंगे
M.Farooq-M.Ahmed 71:27
28
ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे और मेरे माँ-बाप को भी और हर उस व्यक्ति को भी जो मेरे घर में ईमानवाला बन कर दाख़िल हुआ और (सामान्य) ईमानवाले पुरुषों और ईमानवाली स्त्रियों को भी (क्षमा कर दे), और ज़ालिमों के विनाश को ही बढ़ा।
M.Farooq-M.Ahmed 71:28
Nuh suresi tamamlandı