Ana SayfaMealler › M.Farooq-M.Ahmed
MF

M.Farooq-M.Ahmed

M.Farooq-M.Ahmed
M.Farooq-M.Ahmed meali ile okumaya başla
Vakıa 1 / 96
1
जब घटित होनेवाली (घड़ी) घटित हो जाएगी;
M.Farooq-M.Ahmed 56:1
2
उसके घटित होने में कुछ भी झुठ नहीं;
M.Farooq-M.Ahmed 56:2
3
पस्त करनेवाली होगी, ऊँचा करनेवाली थी;
M.Farooq-M.Ahmed 56:3
4
जब धरती थरथराकर काँप उठेगी;
M.Farooq-M.Ahmed 56:4
5
और पहाड़ टूटकर चूर्ण-विचुर्ण हो जाएँगे
M.Farooq-M.Ahmed 56:5
6
कि वे बिखरे हुए धूल होकर रह जाएँगे
M.Farooq-M.Ahmed 56:6
7
और तुम लोग तीन प्रकार के हो जाओगे -
M.Farooq-M.Ahmed 56:7
8
तो दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली), कैसे होंगे दाहिने हाथ वाले!
M.Farooq-M.Ahmed 56:8
9
और बाएँ हाथ वाले (दुर्भाग्यशाली), कैसे होंगे बाएँ हाथ वाले!
M.Farooq-M.Ahmed 56:9
10
और आगे बढ़ जानेवाले तो आगे बढ़ जानेवाले ही है
M.Farooq-M.Ahmed 56:10
11
वही (अल्लाह के) निकटवर्ती है;
M.Farooq-M.Ahmed 56:11
12
नेमत भरी जन्नतों में होंगे;
M.Farooq-M.Ahmed 56:12
13
अगलों में से तो बहुत-से होंगे,
M.Farooq-M.Ahmed 56:13
14
किन्तु पिछलों में से कम ही
M.Farooq-M.Ahmed 56:14
15
जड़ित तख़्तो पर;
M.Farooq-M.Ahmed 56:15
16
तकिया लगाए आमने-सामने होंगे;
M.Farooq-M.Ahmed 56:16
17
उनके पास किशोर होंगे जो सदैव किशोरावस्था ही में रहेंगे,
M.Farooq-M.Ahmed 56:17
18
प्याले और आफ़ताबे (जग) और विशुद्ध पेय से भरा हुआ पात्र लिए फिर रहे होंगे
M.Farooq-M.Ahmed 56:18
19
M.Farooq-M.Ahmed 56:19
20
और स्वादिष्ट॥ फल जो वे पसन्द करें;
M.Farooq-M.Ahmed 56:20
21
और पक्षी का मांस जो वे चाह;
M.Farooq-M.Ahmed 56:21
22
और बड़ी आँखोंवाली हूरें,
M.Farooq-M.Ahmed 56:22
23
मानो छिपाए हुए मोती हो
M.Farooq-M.Ahmed 56:23
24
यह सब उसके बदले में उन्हें प्राप्त होगा जो कुछ वे करते रहे
M.Farooq-M.Ahmed 56:24
25
उसमें वे न कोई व्यर्थ बात सुनेंगे और न गुनाह की बात;
M.Farooq-M.Ahmed 56:25
26
सिवाय इस बात के कि "सलाम हो, सलाम हो!"
M.Farooq-M.Ahmed 56:26
27
रहे सौभाग्यशाली लोग, तो सौभाग्यशालियों का क्या कहना!
M.Farooq-M.Ahmed 56:27
28
वे वहाँ होंगे जहाँ बिन काँटों के बेर होंगे;
M.Farooq-M.Ahmed 56:28
29
और गुच्छेदार केले;
M.Farooq-M.Ahmed 56:29
30
दूर तक फैली हुई छाँव;
M.Farooq-M.Ahmed 56:30