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M.Farooq-M.Ahmed

M.Farooq-M.Ahmed
M.Farooq-M.Ahmed meali ile okumaya başla
Hümeze 1 / 9
1
तबाही है हर कचो के लगानेवाले, ऐब निकालनेवाले के लिए,
M.Farooq-M.Ahmed 104:1
2
जो माल इकट्ठा करता और उसे गिनता रहा
M.Farooq-M.Ahmed 104:2
3
समझता है कि उसके माल ने उसे अमर कर दिया
M.Farooq-M.Ahmed 104:3
4
कदापि नहीं, वह चूर-चूर कर देनेवाली में फेंक दिया जाएगा,
M.Farooq-M.Ahmed 104:4
5
और तुम्हें क्या मालूम कि वह चूर-चूर कर देनेवाली क्या है?
M.Farooq-M.Ahmed 104:5
6
वह अल्लाह की दहकाई हुई आग है,
M.Farooq-M.Ahmed 104:6
7
जो झाँक लेती है दिलों को
M.Farooq-M.Ahmed 104:7
8
वह उनपर ढाँककर बन्द कर दी गई होगी,
M.Farooq-M.Ahmed 104:8
9
लम्बे-लम्बे स्तम्भों में
M.Farooq-M.Ahmed 104:9
Hümeze suresi tamamlandı